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Alfaaz Hain Kum

alfaaz hain kum

Pre-chorus

अलफ़ाज़ हैं कम, आँखें मेरी नम ख़यालों में तेरे काम बेशुमार
कैसे मैं कह सकूँ, कैसे बयाँ करूँ तेरा प्यार जो है बेइंतिहाँ

Chorus

मेरी हर साँस तेरे नाम से मसीहा है जुड़ी
मेरी इस ज़िन्दगी की हर खुशी महरबानी है तेरी
महरबानी है तेरी, महरबानी है तेरी महरबानी है तेरी

Verse 1

टूटा सा, बिखरा सा था मैं यूँ ही पड़ा
बेवजह जिन्दगी को था जी मैं रहा
तेरा करम मुझपर हुआ है,
तू मेरे जीने की वजह है – 2

Verse 2

दिल में तू और जुबाँ पे है तेरा ही नाम
तेरे हाँथों में है मेरे जिस्म-ओ-जाँ
रहमत तेरी ना मुझसे जुदा हो,
ऐसा फजल मुझपे खुदा हो – 2

Alfaaz Hain Kum Lyrics and Chords