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Chaak Par Apni Rakh Mujhe

chaak par apni rakh

चाक पर अपनी रख मुझे,
रुप अपना येसु दे मुझे
जलाल का अपने बर्तन बना
आकार दे अपने हाँथों से,

तेरी मर्ज़ी हो पूरी मुझसे
एक ऐसी मशक मुझको बना
फरयाद ये तुझसे खुदा,
मुझको उठा, मुझको बना

Chorus

भर दे रुह से, अपनी सामर्थ्य से, पंखों में अपने छुपा
मिट्टी बेजान हूँ, मुझको उठाले, हाँथों से अपने बना

Verse 2

बिगड़ न जाऊँ मैं, बिखर न जाऊँ मैं
तेरे हाँथों में ही रहना चाहूं मैं
दुनिया की भीड़ में, कहीं खो न जाऊँ मैं
इस भीड़ में कुचल न जाऊँ मैं
अपने साए में मुझको छुपा,
अपने हाँथों से मुझको सजा

Chaak Par Apni Rakh Mujhe Lyrics and Chords